रखवाला । बड़ा बेटा
घर का बड़ा बेटा हु ,रहता सीधा साधा हु । बात सबकी सुनता हु ,लेकिन करता अपनी मन की हु। मां को भगवान मानता हु ,पिता का आदर करता हु । छोटा भाई है मेरा दुलारा ,भाई भाई का प्यार है गहरा । मेरी बीवी है प्यारी ,नटखट -नादान ,और हे समझदार । घर को स्वर्ग बनाया हे, प्यार का फुल खिलाया हे। बेटा हे मेरे आंख का तारा, बसता हे उसमें जग मेरा सारा । उसकी एक मुस्कुराहट देख, दुर हो जाती हे थकान मेरी । बेटा हे मेरा अभिमान , उसमें बसती मेरी जान । ऊंचा करना नाम मेरा, तू ही मेरी शान । बच्चे का सपना पूरा कर पे में, देना इतनी कामयाबी मुझे । रखता हु खयाल सबका, सबके लिए सोचा करता हु । रखना सबकी सेहत अच्छी, बस और एक दुआ करता हु ।
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