खामोशी.
खामोश कैसे रहें, अभी सिख रहे हैं हुनर खुशमिजाजी का। जिंदगी साथ देगी अब, हम साथ तो छोड़ें कमबख्त बेईमानी का। आज कल हर आदमी बड़ा हो गया, एक हम ही रह गए मिजाज लिए सादगी का। गम भी बड़ी मस्त चीज है जाना, हुनर सीखा देती हैं जिंदगी जीने का!! Arti pandey
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