"ये हम क्या किए बैठे हैं"
कुछ इस तरह अपने दुखों का हम इंतजामात किए बैठे हैं सबक लेना था जिन ताल्लुकात से उनको दोहराए बैठे हैं गुनाह कुछ बड़ा नहीं है हमारा, फक्त एक जालिम को रूह तक बसा बैठे हैं
·0 views·Jan 23, 2024
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