आखिरी मुलाकात
और बताओ कैसे हो ? क्या जैसे थे अब भी वैसे हो, क्या अब भी रूठ जाते हो हर बात पर जैसे रूठ जाया करते थे, छोटी - छोटी बातों पर आसमान सर उठाया करते थे, या संभलना आ गया बताओ ना ? तुम तो कहते थे मुझे कोई नहीं बदल सकता, फिर कैसे हुआ ये हाल बताओ ना ? ये चेहरे का उतरा रंग ये खामोशी कैसी है ? मैंने तो बदला खुद को तेरी खुशी के लिए, लेकिन अब तुम भी कहां पहले जैसी है, मुझे तो छोड़ दिया था ना तूने अपनी खुशी के लिए, फिर ये उदासी अब किसके लिए ? याद है क्या नहीं किया मैंने तेरे लिए, दोस्ती,रिश्ते सबको छोड़ा तेरे लिए, आज छोड़ दिया ना उसने भी जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था, बता कर मुझे अपना नाता जिससे जोड़ा था, भूल गए ये दुनियां है यहां हर कर्म का फल मिलता है ? आज नहीं तो कल मिलता है, सुनो अब फर्क नहीं पड़ता तेरी उदासी से, अब तो मोहब्बत है मुझे मेरी खामोशी से..!!
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