शीर्षक :नै जइबो परदेस
मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस। हाड़ तोड़ तोड़ इहें पर खटबऊ, तू नै करिहs कलेस। मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस। मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस।। बहरे जाहि गारी देहे चुन-चुन , कह चिढ़ावे बिहारी, बारह घंटा खटा खटा के उँहा , दे नै हमर दिहारी। मांगs ही जबे अप्पन मजदूरी, त दे हे बड़ी गारी, घरबा में बान्ह के कोड़ा मारै , देहिया दे हे फारी। मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस। इहें कमा के हम्म बना देबऊ, तोर झुमका झूलनी, कलह घर में नैय करिहँ तनिको तू, नै बनिहँ मुँह फूलनी। निके सुखे सभे हिल मिल के रहबे, तू रहिहs सुघर बेस। मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस।। मलकिनीया गे हम्म नै जइबऊ, कमाए ला परदेस।। नरेन्द्र सिंह, अतरी, गया 04.01.2025
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