बातेँ....
तुम्हारे साथ देखे थे अभी वो ख्वाब बाकी हैं अभी भूले नहीं तुमको तुम्हारी याद बाकी हैं हमारे जीने के खातिर वजह इतनी ही काफी है, तुम आओगे कभी मिलने अभी मुलाकात बाकी है अधूरे इश्क़ को मेरे मुक्कमल चाहते हो ,गर , बस वही पूरी कर देना जो तुम्हारी बात बाकी है
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