पसंद
कि अर्ज किया है , उसे मैं पसंद हूं ,ऐसा देखा है । उसके लिए मैं कुछ खास हूं, ऐसा सुना है ।। कैसे बताऊं यारों ... उसके हर बात को जानना , मेरा शौक है दिलदारों । कि उसे भी अब लगने लगा हैं, कहीं उसके दुखी बातें सुनकर मैं दुःखी न हो जाऊ ... अब कैसे उसे बताऊं , दुःखी तो मैं तब भी हुआ करता हूं , जब उसे दुःखी देखूं ।। वो क्या हैं मेरे लिए कैसे जताऊं , अगर उसे एक शब्द दूं , तो मेरा हृदय कह दूं ।। • मेरी अभिलाषा
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