मेरी दो मां
इस दुनिया में सबकी एक ही मां होती हैं , पर मुझे तो दो माओ ने पाला हैं। एक जिसने मुझे जन्म दिया , दूसरी जिसने जन्म के बाद से संभाला । जब मैं रोई तो चुप कराया, जब मैं हसी तो मेरी मुस्कान बनी, जब मुझे चोट लगी तो मरहम लगाया, जब मेरे बुखार आया तो पूरी रात जगी, पूरी रात पट्टी कर सहारा दिया, खुद की नींद खराब कर , मुझे थपथपाया, प्यार से सुलाया। हर फैसले में मेरे साथ खड़ी रही, गलत होने पर पिटाई भी लगाई। स्कूल से आते वक्त जब हाथ छूटा, तब ढूंढते ढूंढते मुझे खुद रो पड़ी, जब मिली तो गले से लगाकर रो पड़ी। छोटी सी थी तब से संभालते आ रही हैं, पैरेंट्स का भी पूरा किरदार निभाया, हर एक पीटीएम में वो ही मेरे साथ गई , पर कभी तारीफ न की, हमेशा डाट लगवाई। बस 2 साल बड़ी h मुझसे वो , फिर भी मेरी जिम्मेदारी उठा रही हैं, मैं तो पहले से ही लिस्ट में थी , अब और उन्हे घर की जिम्मेदारी सता रही हैं, और कोई नहीं इतना सारा बोझ , मेरी बड़ी बहन अकेले ही उठा रही है, फिर भी हसकर अपना गम छुपा रही हैं, जिम्मेदारी पै जिम्मेदारी उन पर, बढ़ती चली जा रही हैं। दिमाग में इतनी टेंशन है उनके, फिर भी बेखौफ आगे बड़े जा रही है। चिंता सबकी करती हैं, सबके आगे अपने आप को भुलाए जा रही हैं। जिम्मेदारियों के बोझ के तले मेरी बड़ी बहन , अपना बचपना भुला रही हैं। love you didu 😘🫂
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