नई शुरुआत
दिल मै एक बोझ सा बन गया था, जीवन की उथल पुथल अनुभव करते करते, सीख गया हूँ मैं, कैसे जीना है अब से। बिस्तर से उतना भी संघर्ष सा लगने लगा था, पर अब उठने लगा हूँ एक उम्मीद से, क्षमता दी है जो ईश्वर ने, उस पर खरा उतरूंगा जी जान से। आत्मविश्वास का गिरना सबसे बड़ा नुकसान था, थोड़ा प्यार करना चाहता हूं खुद से, जो बीत गया वक्त उसे पीछे छोड़ना है, जिंदगी से मोहब्बत करके। उतार देना चाहता हूं यह बोझ मेरा, उड़ना चाहता हूं एक पंछी जैसे, शुक्रगुजार हूं जीवन की सीख लेकर, करूंगा एक नई शुरुआत फिर से।
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