महफिलें
नूर हो , शमा जले , गुल खिले , अकसर ऐसी महफिलें बहाल नहीं होती , तुझ से मिलने के बाद पता चला ए – जिंदगी ....... यहां हर दुआ कुबूल नहीं होती !
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