उलझी
वो बड़ी उलझी उलझी सी रहती है फिर भी हमेशा हस्ती रहती है उसे खुद नहीं पता कि वो क्या बोल जाती है फिर बाद में मुस्करा कर दिखाती है उसे देखकर लगता है कि कुछ कहना चाहती है पर पता नहीं क्यों नाम लेकर फिर कुछ नहीं कह जाती है उसे लगता है कि मैं कुछ नहीं जानता उसके बारे में पर उसकी आँखें मुझसे सब कह जाती हैं
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