गुप्त राह आप
सच्चा प्यार वो नहीं जो आसमानों से चीखकर जताया जाए। जरा कभी उन प्रेमियों का हाल पूछिए जनाब जो मोहब्बत करते है टूटकर पर जीवन की ठोकरों ने उन्हें बसाया है मिलो दूर पल पल तड़पते रहे एक दूसरे के याद में पर न माथे पर एक शिकंज ना ही हटी होठों की मुस्कान। दुनिया की नजरों से छुपकर रात के सूनेपन में सुनाया करते है दिल का हाल। हर दिन गुजरता है उस एक दिन के इंतजार में जब वो फिर हाथ पकड़कर अपनी अलग दुनिया में खो जाए।
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