अरावली बचाओ!🌳
चलो इतिहास दोहराए, अमृता देवी का बलिदान याद दिलाएं , देखा जो कटते खेजड़ी को , क्षणभर ना रुकी, लिपटकर मरने को , दायरा जो मीटर में गिन रहे हो, राजपुताने से श्रृंगार छीनने में लगे हो, हरियाली को क्यों संकट में डाला है, आखिर, अरावली ने ही तो हमें अपनी कोख में पाला है,
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