उनसे बात हुई....
लगा आज ज़िंदगी से मुलाकात हुई बड़ी मुद्दतों बाद उनसे बात हुई एक दूजे को समझने की शुरुआत हुई कंपित मन को उजाले की आस हुई बड़ी मुद्दतों बाद उनसे बात हुई... थी तमन्ना कहीं से कुछ शुरुआत हो दो ही सही कुछ अपने मन की बात हो सोचा था हमने न जाने होगा कोई कैसा पर हुई बात तो मानो लगा अपने ही जैसा बस इसी एक पल की तलाश थी एक दूजे को जानने की आस थी अभी बाकी है बहुत कुछ कहने सुनने को बातों ही बातों में एक दूजे से घुलने मिलने को बड़ी मुद्दतों बाद उनसे बात हुई एक दूजे को समझने की शुरुआत हुई... लिखी है कहानी जो हमारे अपनों ने पहली मुलाक़ात में चुना है जिसे नयनों ने आशाओं के मोती खिले हैं सूने से मन में हुई हलचल इस शिथिल से पड़े तन में थी उस रब से इबादत कोई साथ हो थामे जो हाथ लगे जिंदगी साथ हो बड़ी मुद्दतों बाद उनसे बात हुई एक दूजे को समझने की शुरुआत हुई लगा आज ज़िंदगी से मुलाकात हुई .........शुरुआत हुई।।
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