कुछ खो चुका है ......
कभी कभी ऐसा लगता है मैं खुद को भूल गई हु खुद को खो चुकी हु किसी एक को खुश करने की होड़ में खुद की अहमियत पीछे छोड़ चुकी हु भूल चुकी हु मैं ये कि कोई किसी का नहीं होता अगर हो भी जाता है कोई तो मतलब का मारा जरुर होता फिर भी मेरा मन बस उसी की ओर है जाता क्या मतलब जब उस इंसान को ये अब नज़र ही नहीं आता मेरे हर काम में मुझे हर कोई गलत है ठहरता मुझे हर बार हर कोई है रुलाता फिर भी इस इंसान को मेरा रोना कभी नजर नहीं आता ओर तेरा रोना तो है हर बार का बहना ऐसा बोल कर वो खुद चैन की नींद सो जाता 🥹
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