मेरी चीख कोई सुन ना पाई
मेरी चीख भी आधी रात सुन न पाई टूटती हड्डियां सांसों से कहती रही तुम जल्दी रुको, वरना ये आंसू मेरी मां देख लेगी शायद कल लोग मुझे घर ले जायेंगे, लाल कफन पहनें मै, खून से नहाकर सबको बताऊंगी कि नाजुक जानो के लिए जागी थी मैं अब देख नहीं पाऊंगी मेरी मौत के गुलदस्ते टूटे कलम और बिखरे स्याही ये पन्ना कभी कोई पलट ना पाए #Justicefordoctor ⚖️ #WewantJustice मनोज सोरेन ✍️✍️✍️✍️
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