सभे बुजुर्ग के समर्पित गाना
अप्पन बुढ़िया के रखिहs ख्याल हो, बुढ़ापा में करतथु एही गलबतिया। अप्पन बुढ़िया के रखिहs ख्याल हो, बुढ़ापा में करतथु एही गलबतिया।। पोता-पोती तो निकटे नैय अइतो, बेटा-बहु तो अप्पन कामे में रहतो। टोला-पड़ोस के मतलब कइसन, बुढ़वा भिजू कोय काहेला अइतन। सन्नाटा जिंदगी में एही तो गदानथु , एही तो तोहर सभे बात के मानथु । बुढ़िया लड़तो भी,काटतो बवाल, किसिम किसिम के उठइतो सवाल।। ऊ सभे दिहs दिलवा से निकाल हो, बुढ़िए तोहर तो खेबतथु बुढ़उतिया।। ई बुढ़िए रखतथु तोहर ख्याल हो बुढ़ापा में येही एगो रहथु संगतिया। अप्पन बुढ़िया के रखिहs ख्याल हो, बुढ़ापा में करतथु एही गलबतिया।। नरेंद्र सिंह 30.12.2024
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