तेरी याद
जब तू नहीं तो तेरी याद होती है मुशिकल तो मेरी तेरे बाद होती है मेरी इस आदत का बुरा न माना कर मुझे हर बार कोई फरियाद होती है इक दूसरे को समझना है लाज़मी गलतफहमी से यारी बरबाद होती है
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