कड़वा सच 😊
आपकी *99 अच्छाइयों* को भूलकर *1 बुराई का जिक्र* किया जाएगा 😔 यही *दस्तूर* है जमाने का। 🌍 *मोह* अधिक हो जाए तो *बुराई* नहीं दिखती 💭 और *घृणा* ज्यादा हो जाए तो *अच्छाई नजर* नहीं आती। "यदि *न्याय* होता तो जेलें गरीबों* से नहीं, बल्कि 🏛️ *राजनेताओं* से भरी होतीं।"
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