गझल : तेरी याद मे जीते
तेरी यादो मे जीते आ रहे है हम सनम तुम कायनात हो ये खुद पता नही सनम जिक्र करते हुए ऑंखे अक्सर यही कहेगी के तुम हमारी जिंदगी हो ये खता नही सनम तुम कितनी भी झगडलो हमसे सनम मोहब्बत कभी कम होगी नही सनम चांद हो तुम ये हम ही जानते है आपको दुवाएं मागते है आपकी तुम्हे पता नही सनम सारी उम्र बिता देंगे हम तेरे साथ रहेंगे तेरी तस्वीर से हम कभी दूर नही सनम धनराज नथू बाविस्कर मो.९०१६०३१७१२
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
