जाने देना
मौन से भी अधिक पीड़ा दायक है अपने प्रिय से अंतिम बात करना मृत्यु से भी अधिक भयंकर है उससे अंतिम बार मिलना और सबसे अधिक कष्टदायक है अपने प्रिय व्यक्ति को जाने देना क्योंकि जब वह जाएगा तो ले जाएगा अपने साथ अनगिनत ख्वाब...... अनगिनत बाते...... अनगिनत वादे... . और सबसे अधिक ले जाएगा जिंदगी के सबसे कीमती लम्हा जो हमने उसे असासा मान कर बिताए थे ले जाएगा हमारी इबादत को जो हमने उसे खुदा मान कर की थी इसलिए सबसे पीड़ा दायक होता है अपने प्रिय का जाना और उससे भी अधिक पीड़ा दायक होता है उसे जाने देना लव पुरी (पथिक)
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