किस्मत की लकीर
इक्तफ़ाक़ से जुड़े तार टूटते नहीं आसानी से। रिश्तों के नाम बादलते रहे पर जज़्बाद वही थे। सारी हालातों ने अपना दम लगा दिया परिंदों की दो रह करदे पर जिनके दिल की मंजिल एक हो उनको जमाना क्या ही अलग करेगा
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