हम्मर मगही महान हे
सुनs मगहिया हो भाय, मगही अप्पन दिल में रखिहs। अप्पन भासा बोल के , एकर नममा ऊंचा करिहs।। जने जने तू जा बसs, खाटी मगही वहां बोलिहs। चाहे विदेश जा रहs, मधुर रस मगही के घोलिहs।। ई भासा हे बड़ बेस, सन्देह नैय तनिको धरिहs। बेधड़क,बेझिझक सभे, मगही में ही बतिया करिहs।। गाना,गीत औ कविता, कवि लोग मगहिये में लिखिहs। पहनावा रहे जइसन, मगही पुत बोली में दिखिहs।। अप्पन माय बोली के , सगर बहुते गुनगान करिहs। सुनs मगहिया हो भाय , मगही के इज्जतिया रखिहs।। नरेंद्र सिंह 18.11.2024
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