चलो.....
सफर में धूप तो बहुत होगी तप सको तो चलो, भीड़ भी बहुत होगी नई राह बना सको तो चलो। माना कि मंजिल पास नही, एक कदम बढ़ा सको तो चलो, कांटो भरा होगा सफर, यकीन है खुद पर अगर तो चलो। हर पल नित नए रंग बदल रही जिंदगी, तुम अपना कोई नया रंग बना सको तो चलो। तुम ढूंढ रहे हो अंधेरो में रोशनी , खुद जमाने रोशन कर सको तो चलो, कहा कोई रोक पायेगा रास्ता , जुनून बचा है तो चलो। जलाकर खुद को रोशनी बिखेर सको तो चलो, खुद गम सह कर सबको खुशियां बांट सको तो चलो।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
