स्वतंत्रता दिवस
सिर पर बांधकर तिरंगा जब एक फौजी अपने घर से निकलता है भारत माँ की लाज को वो अपने सिर पर धरता है मन में उसके आक्रोश और मन में मां भारती की सेवा का भाव होता है हर की मिट्टी को भी खुद पर बहुत नाज होता है माँ का प्यार , पिता की परवाह सब छोड़ जब वो जंग के लिए तैयार होता है सिर्फ परिवार ही नही हर भारतीय का वो मान होता है हर शक्स को उस पर कुछ में अभिमान होता है वो जिन्होंने आजादी दिलाई है और वो जिन्होंने आजादी के लिए अपनी जान गवाई है रक्त का एक-एक कतरा उनका कर्जदार है जब एक फौजी सिर पर तिरंगा बांधे जंग में लड़ने को तैयार है।। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें मीरा सिंह
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