उलझन
यू तो नही की हम किसी के बहकावे में आ जाए हम धूप में भी अपने रास्ते पर चलते मिलेंगे मगर ये जरूरी तो नही की एक दिन छाव में आ जाएं ऐसी कोई उलझन भी नही जो मुझसे ताल्लुक न रखती हो वैसे तो मैं कभी किसी उलझन में नही फसता लेकिन यार तुम क्यूं अपने बाल खुले रखती हो?
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