स्मृति
मैं ही नहीं कर सकती तुम्हे तर दफा याद तुम्हे भी ये कभी करना होगा अब नहीं है जमाना आसान मोहब्बत का नये जमाने में मर्दों को भी औरत से डरना होगा तुम्हारी तस्वीर हटाना आसान काम नहीं है लेकिन ये कठिन काम भी कभी न कभी तो करना होगा मटके में कब तक रहेगा भरा पानी ये कभी तो सुखेगा किर वापिस भरेगा बचा रखे है मैंने कुछ आसू आज भी जो सामने तुम आओ फिर आँखों में वही झरना होगा मैं आखिर हु तो इंसान ही चीजें भुलाना मुश्किल होगा और जैसा तुमने कहा था आगे बढ़ने को उसके लिए तो पुरानी स्मृति को मरना होगा! ~Owishe:)
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