हिम्मत मत हारना ।
मैं चली और रुक गई....। मैं चली,,,, गिरी,,,,पर रुकी नहीं....। मैं चली तो आंधियां चलने लगीं,,,पर मैं चली । मैं चली,,,,, तो लोग हंसने लगे । आखिर में...... मैं चली,,, तो किसी ने मुझे सहारा दिया । मैं चली तो किसी ने रास्ता भी बता दिया । ऐसा नहीं था कि सब गिराने वाले लोग ही मिले । मैं चलती रही तो आंधियां रुक गई और ठंडी हवा चलने लगी । मैं चलते चलते पहुंच ही गई उस मंजिल पर जहां पहुंचने के लिए,,, रास्ते कठिन थे....... मैं घबराई चलते चलते, में रोई इस सफर में बस हिम्मत नहीं हारी🙃
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