शीर्षक :- तुम समझ जाना बस ...।
मैं गुस्से में अनजाने में कुछ बोल जाऊ तो तुम मुझे प्यार से समझा देना बस....।। मैं रूठ जाऊ तो दूर मत जाना तुम मुझे मना लेना बस....।। मैं कभी गुस्से में कह दू की मुझे कोई बात नहीं करनी, कोई समस्या है तुम समझ जाना बस...।। बोल दूं अगर की दूर चले जाओ मुझसे, तो मुझे गले से लगा लेना मैं कह दूं अगर कोई साथ नहीं हैं, तुम हाथ थाम लेना बस... ।। अगर में गलती करू कहीं तो मुझ पर हक जता कर समझा बस..।। मैं कहूं कि मैं ठीक हूं तो तुम समझ जाना बस... ॥ मनोज सोरेन✍️✍️✍️ दुमका, Jharkhand Email -manojsoren5290@gmail.com
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