मयूर
11 September कि बात है, दोस्ती कि नही सुरुवात थी मिले थे पहेली बार दोस्त आपसे कोई शिकवा न कोई गीला था आपसे बात करने का, बस एक सिलसिला था।😊 मिले वक्त गुजरा तो, बस फासला रह गया, कभी आपसे मुलाकात होगी ये दोस्त ख्वाब जो देखे थे आखों ने कभी बस ये मन में होसला रह गया।😄 चंद लम्हों की नहीं, ये सदियों की बात है, दोस्ती हमारी तो खुदा की सौगात है। हँसी में, ग़म में, हर हाल में साथ रहै। यही मन में मेरी एक आस है।🥰 राहें चाहे मुश्किल, अंधेरे घने हों, तेरा कंधा मिले तो हौसले नए हों। हर जीत में तेरा हंसना, हर हार में तेरा साथ, यही है मेरी दौलत, यही है मेरा ताज।😁 तेरी बातें सुकून, तेरी हँसी बहार, तू ही मेरा साया, तू ही मेरा दोस्त । साथ चलेंगे हमेशा, ये वादा रहा, तेरी दोस्ती पे मेरा हर ख्वाब फिदा।😘 कभी हमारी तरफ आये तो मिलके जाना जरूर ये दोस्त 🥰👫 ️ Follow for more...
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