आत्मविश्वास
चलते-चलते जब थक जाओ जीवन पथ से जब डर जाओ जीवन की राह ज्यों धूमिल हो पैरों को रूकने मत देना तुम चलते हो चलते रहना। जब चहुंओर अंधियारा हो ना जीवन में भी धारा हो जब सब थम सा हो जाता हो मन को अपने अम्बर करना तुम चलते हो चलते रहना। कष्टों ने घेरा हो तुमको अपनों ने छोड़ा हो तुमको तुम खुद के साथी बन जाना अपने हाथों से बाँह पकड़ तुम आगे को बढ़ते जाना तुम चलते हो चलते रहना।। मीरा सिंह
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
