राधाकृष्ण
इतिहास के पन्नों में लिखी ये प्रेम कहानी जिसके पात्र कुछ ऐसे थे जिन्हें देखे बिना नींद ना आए जिनके स्वपन हर रोज सताए जो करते थे हमेशा नादानी एक थे कृष्ण, एक थी राधा रानी।। जिनके काम तो अलग थे पर नाम एक थे जिनके किरदार अलग थे पर आत्मा एक थी एक थी शांत पर एक करता शैतानी एक थे कृष्ण, एक थी राधा रानी।। एक को नहीं था अपनी सुंदरता का अहंकार तो दूसरे के मुख में था पूरा संसार विचित्र थी इनकी अधूरी कहानी एक थे कृष्ण, एक थी राधा रानी।।
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