हसीन सफर
मंजिल तक पहुंचने का हर पल अपनी खास खूबसूरती से राहों को सजा जाता है। खिलखिलाकर हसने से लेकर कांटों के चुभन से बहते अश्कों की धारा हर गुजरते लम्हे में हम खुद को थोड़ा और पा लेते। इस खोज में न जाने कितने लोग आए और छूट गए, कुछ समय के पाबंदी में बह गए तो कुछ से बस दिल उठ गया। पर हर एक अपना निशान छोड़ गया।
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