प्रेम
सबने मुझे मांग लिया, किस किस के हिस्से आऊ मैं, कभी किसी का होकर मुस्कुराऊँ मैं, तो कभी बेबस हो बांटा जाऊँ मैं।। योगेश्वरी कुंवर ✍️✍️
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