सुन ले बिहारी
अप्पने के सुधारs तू,सुन ले भाय बिहारी। जात-पात से ऊपर उठ, झेल नैय बेकारी।। अप्पन करम सुधार, छोड़ नेता के जयकारी। अप्पने ऊ बड़ कमा हउ,करके तोर हकमारी।। रासन पर तू जिन्दा रहमs,ऊ तो मौज उड़ावे । अप्पन ऐस खातिर ऊ,तोरा हथियार बनावे।। बिहार में पहले केतनन,मिल भरल हल भारी। सभे बंद हो गेलो,जबसे लगल जात बीमारी।। जात से ऊपर उठ तू ,अउ अछा नेता चुन ले । जे ऊपर उठ परिवार से,हम्मरा के ऊ सुन ले।। नरेन्द्र सिंह 22.03.2025
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