जलधर को घिरते देखा
मैंने जलधर को घिरते देखा , जलधर को ही घेरते देखा । जलधर नभ से परिणत हो , धरा जलधर मिलते देखा ।। जलधर बना जल की बूँदें , बरसा नग वृक्ष लताओं पर । जलधर जब धरा पे उतरा , मिला जलधर खताओं पर ।। जलधर वाष्प दे जलधर को , जलधर जलधर को दे जल । एक जलधर नभ में होता , दूजा जलधर होता है थल ।। नभ में जलधर हवा में उड़े , दिखने में लगे बहुत थोड़ । थल पे जलधर विस्तृत होता , दिखता कहीं ओर न छोर ।। जलधर जलधर एक होता , जलधर हाल जलधर जाने । जलधर है प्रकृति संसाधन , विफल होते विज्ञान पैमाने ।।
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