जलाया जा रहा था।
मैं नींद मे थी और मुझे इतना सजाया जा रहा था, बहुत प्यार से मुझे स्नान कराया जा रहा था। जो लोग कभी देखते भी नही थे मुझे मोहब्बत की निगाहों से, उनके दिल से भी मुझे पर स्नेह लुटाया जा रहा था। ना जाने वो कौन सा अजब रुत थी छाई मेरे घर में, बच्चो की तरह मुझे कंधे पे उठाया जा रहा था। मेरे पास हर अपना था उस वक्त, फिर भी मैं हर किसी के मन से भुलाया जा रहा था। मालूम नही क्यो हैरान था हर कोई मुझे सोता देखकर, जोर जोर से चीख कर मुझे जगाया जा रहा था। कॉप उठी रूह मेरी वो मंजर देख कर, जहाँ मुझे हमेशा के लिए परमात्मा से मिलाया जा रहा था। मोहब्बत इंतहा थी जिन दिलों मे मेरे लिए, उन्ही दिलों के हाथों मुझे जलाया जा रहा था।
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