मां
तप त्याग वात्सल्यता की मूरत वो सरस सलिल सरिता जैसी आंचल में ममता भरे हुये वो धैर्यवान वसुधा जैसी!! तामस में आंखें लाल किए उतपात को दण्डित करने को जीवन उदभव की सूत्रधार वो स्नेह मयी जसुदा जैसी!! पतझड़ मौसम की सघन छाव ऊसर में प्राण सुधा जैसी वो शरदकाल की पूर्ण इंदु वो रश्मि प्रभा अरुणा जैसी!! -अभिलाष
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