😊
कुछ भी हमेंशा के लिए नहीं होता,, एक वक़्त के बाद सबकुछ बदलता है,,, थोड़ी तकलीफ़ जरूर होती हैं,, पर चलता हैं,, ख़ुशी भी दो पल और गम भी कुछ पल का ही होता हैं,,! यही तो जिंदगी हैं, जनाब,, इसमें ऐसा ही होता हैं,,! लोग भी मिलते कुछ पल के लिए,, फिर थामा हुआ हाथ छोड़ना पड़ता हैं,, अपनी तकलीफ़ को भूल,, आगे बढ़ना पड़ता हैं,, क्यु मिलते हैं लोग इस सफ़र में,, कुछ वक़्त बाद जब जाना ही होता हैं,, थोड़ी तकलीफ़ जरूर होती हैं,, पर चलता हैं,,!
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
