छोड़ देना ही बेहतर
कभी कभी कुछ चीजें छुट जाती हैं, कभी कुछ चीजों को छोड़ना पड़ता हैं,, न चाहते हुए भी, हमें कभी ,, अपनों से मुह मोड़ना पड़ता हैं,,, जरूरी नहीं हम जो चाहें, हमें वो मिल जाए, क्या हों गर,, जिसे हम चाहें ,और वो दिल तोड़ जाए,, कुछ पाकर भी वो पास नहीं होता, साथ होकर भी कोई खास नहीं होता,, क्या मतलब ऐसे साथ का,, जब मिलते ही नहीं ख्यालात कोई,, समझता ही नहीं, तुम्हारे जज्बात कोई,, ऐसी चीजों का छुट जाना ही बेहतर,,, न दे तुम्हे गर वो सुकून कोई,,!!
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