मरीज ऐ इश्क़
मरीज ऐ इश्क़ हो चुका है दिल ना दवा लगे ना दुआ बर्बाद तो ये तब से हो गया जिस दिन से ये तेरा हुआ तु करते रहना और कुछ सितम मरहम सा क्यु लगता है ये ग़म दर्द भी सुहाना लगने लगा है तु मुझको अपना लगने लगा है चाहे तु मुझको अपना मान या ना मान मै तो अब तेरा हुआ मरीज ऐ इश्क़ हो चुका है दिल ना दवा लगे ना दुआ
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