अंतिम महीना.. 🌸🌸
"दिसंबर की धुंध में, सब कुछ धुंधला हो जाता है.. रास्ते भी, चेहरे भी, और वो एहसास भी जिसे कभी “हम” कहा जाता था ! 💞 सर्दी सिर्फ मौसम में नहीं होती, कुछ रिश्ते भी दिसंबर जैसे होते हैं.. खामोश, ठंडे, और धीरे-धीरे दूर होते हुए !💔 जब धुंध शहर पर उतरती है, तन्हाई दिल के अंदर चुपचाप जम सी जाती है" !! 🖤
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