इंतजार की उलझन
इंतजार की उलझन है अजीब, किसी आने का इंतजार, किसी के बुलाने का इंतजार, किसी की यादों का इंतजार l वादा किया था किसी ने, अब वादे निभाने का इंतजार। बातें करने की चाहत में, मुलाकातों का इंतजार। कभी सोचा है, क्यों करते हैं इंतजार? जब किसी को फर्क नहीं , फिर क्यों ये दिल करता है इंतजार? दीदार की उम्मीद में, हर लम्हा का इंतजार। क्या सही है ये इंतजार? क्या रुक जाना सही है किसी के लिए? अगर हाँ, तो क्या कोई और भी करता है हमारा इंतजार? क्या किसी को याद आते हैं हम, या ज़िंदगी भर इंतजार ही रहेगा साथी? इंतजार की उलझन है अजीब, कभी खत्म न होने वाला सिलसिला, किसी की यादों का, किसी के आने का, ये अनंत इंतजार।
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