शीर्षक :करहू गुहार
मगही के करs विकास हो, मगही छूअय असमनमा।। ई भसवा तो हे बहुते पुराना, सनसकिरती के हल खजाना। एकर महातम सगरे जहान हल, मगही मगध के बड़का मान हल।। सभे मिल करs परयास हो, मगही छूअय असमनमा ।। सरकार से सभे गुहार लगावs, सभे मिल ई अबाज उठावs। एकरा मिलय संवैधानिक मनमा, आठवीं अनुसूची में रहय नममा।। घरे बइठल नय रहs उदास हो, मगही छूअय असमनमा।। मगही के करs विकास हो, मगही छूअय असमनमा। मगही ला करs परयास हो, मगही छूअय असमनमा।। नरेंद्र सिंह, गया 08.03.2025
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