अर्थहीन प्रेम.. 🌸
समझ पाओगे कि मुझे तुममें सिर्फ़ तुम ही दिखाई देते हो। तुम्हारा रंग, तुम्हारा रूप सब कुछ मेरे लिए अर्थहीन हो जाता है, जब तुम्हारी उपस्थिति मेरे मन को भर देती है। समझ पाओगे कि तुम मेरे लिए वो हो जो मुझमें मुझसे भी ज़्यादा बसता है। समझ पाओगे कि मैं जब तुम्हें देखकर मुस्कुराता हूँ, तो वो मुस्कान सिर्फ़ होठों पर नहीं, मेरी आत्मा तक उतर जाती है। समझ पाओगे कि मैं जब तुम्हारे क़रीब आता हूँ, तो सिर्फ़ तुम्हें नहीं छूता मैं तुम्हारी रूह से जुड़ जाता हूँ, उस सच से, जो शब्दों से कहीं आगे है 😘💕🌹🌺💗😍
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