प्रकृति ने ली अंगड़ाई
प्रकृति ने ली अंगड़ाई चारों ओर खिलें है फूल। सूरज नीकला हुआ सबेरा धरती ने भी ली अंगड़ाई। सूरज से है सीखना हम सबको सूरज की तरह चमकना सीखो। नील गगन में उड़ना सीखो फूलों जैसा हंसना सीखो। प्रकृति ने ली अंगड़ाई चारों ओर खिलें है फूल। शीला कुमारी
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