अब
मां से मां का मायका छूट गया हमसे भी अब नानी का घर छूट गया जहां मां ने अपना बचपन जिया कभी उस बचपन के कुछ पल, वहां हमने भी खेल कभी हम भाई-बहन भी खुश होते थे, नानी के घर जाने को अब ना वहां नानी है ना नाना,नानी के घर जाने को हमसे तो ननिहाल छूटा नानी के घर जाने को मेरी मां से तो उनका मायका छूटा, मां के घर जाने को ना कोई अब राह देखेगा मेरी मां का आने का ना मेरी मां अब राह देखेगी अपने मां-बाबा के आने का
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