वासना
वासना की धार में, बह गया है हर युवा नग्नता अश्लीलता के जाल में है फस गया देख सुंदर अप्सराएं मन मन मचलने लग गया खुद पे न थोड़ा नियंत्रण,यौवन उछलने लग गया और जवानी ये जनानी तक सिमट कर रह गई आज की पीढ़ी युवा,बस यहीं तक रह गई....। ........उत्पल
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