मरना है तो
अगर मैं कोई किताब लिखुं उस किताब का नाम तेरे नाम से लिखुं ये- ख्वाइस है मेरी मरुंगा मैं जिस दिन तो तेरा नाम लेकर -ओ मेरी मां । अक्सर -मर जाते हैं कुछ लोग अपनी महोब्बत के लिए पर मरना तो उस मां के लिए चाहिए जिसने तुम्हें 9 महिने अपनी कोख में पाला है । और तुम्हें जन्म देते समय असहनीय दर्द सहा है मर जाना चाहिए उस पिता के लिए जिनके कपड़े फट गये तुम्हें कपड़े पहनाने में समर्पित हो जाना चाहिए तुम्हें उन गुरु के लिए जिन्होंने तुम्हें धर्म के मार्ग पर चलना सिखाया है। मर जाना चाहिए तुम्हें इस धरती मां पर जिसने तुम्हें आजीवन अपने कंधों पर ढ़ोया है अरे - क्या रखा है इस कुछ क्षण के प्रेम में देखना कब तक साथ रहेंगी तुम्हारे अरे करना हो प्रेम तो अपने माता-पिता से करना जिनके तुम आंख के तारे हो । मर जाना चाहिए तुम्हें इस धरती मां पर जिसने तुम्हें आजीवन अपने कंधों पर ढ़ोया है सुधीर मैठाणी ✨
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