हौसला
हौसलों....को रास्तों की कोई बंदिश नहीं है मेरे ख्वाबों को कोई किनारे नहीं ! मैं एक दौड़ता भागत मुसाफिर हूं मुझ पर किसी की कोई पकड़ नहीं है ! ना थाम हु ना थकना मंजूर है, हर मोड पर मेरा एक नया दस्तूर है ! मैं वहां तक जाऊंगा जहां नक्शे भी खामोश है, क्योंकि मेरी उड़ान को अब जमीन की जरूरत ! नहीं। wr. Hempal singh bhati
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